नितान्शी अग्रवाल की नई रचना – ‘बस तुझे सोचती हूँ’

तेरे चेहरे के नूर से, तेरे दिल की दूरी तक। तेरे पास होने से, तेरे रूठ जाने तक। बस तुझे सोचती हूँ।। वो बारिश की बूंद से, सूरज की किरण...

कवि शिव कुमार ‘दीपक’ की रचना

"दीपक "की कुण्डलियां कन्या बोली गर्भ से , माँ मत मुझको मार । मैं भी तेरा रूप हूँ , कुछ तो सोच विचार ।। कुछ तो सोच विचार , बनूँ...

होली पर शिव कुमार ‘दीपक’ की कलम ✍ से कुछ खास-

होली के रंग, दीपक के संग रंग पर्व अब देश में, लाये नई बहार । जले होलिका द्वेष की, मन में पनपे प्यार ।। रीत प्रेम सद...

यशोधरा यादव ‘यशो’का एक नवगीत

लेखनी कुछ गीत लिख दुःखित जन को प्रीति लिख . कामनाओं की लता जब पुष्प से सज्जित हुई यंत्रवत कर्मों से हटकर प्रीति प्रतिबिम्बत हुई छंद के...

माँ पर शिव कुमार ‘दीपक’ के मार्मिक दोहे

जननी करती उम्र भर , जीवन पथ आलोक । माँ के आगे क्षुद्र हैं , धरा, गगन , सुरलोक ।।-1 घाट-घाट का जल पिया, बुझी न मन की...

कु० राखी सिंह शब्दिता की गजल

ग़ज़ल तुमको भी मुहब्बत है बता क्यूं नहीं देते । रस्मों को वफ़ाओं की निभा क्यूं नहीं देते ।। हंसकर के मुझे देते हैं वो दर्दे- जुदाई...

मंदसौर घटना पर एक ज्वलन्त कविता अवशेष मानवतावादी द्वारा

मंदसौर घटना पर एक ज्वलन्त कविता ................................................... मंदसौर की घटना ने फिर से जनमानस हिला दिया। तार तार मानवता कर दी दानवता को खिला दिया।। आग क्रोध की...

संजीव गौतम की ग़ज़लें

एक दरोगा है वो दुनिया का दरोगाई दिखाता है। जिसे चाहे बनाता है, जिसे चाहे मिटाता है। अमन के दुश्मनों को रात में वो देके बंदूके, सुबह से...

यशोधरा यादव ‘यशो’ का नव गीत “सम्बोधनों के मौन”

हो गये हैं शब्द क्यों सम्बोधनों के मौन . खींचता नैराश्य जग में जिन्दगी को कौन. खिलखिलाहट हो गई गुजरे समय की बात , अब नहीं होती...

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