नितान्शी अग्रवाल की नई रचना – ‘बस तुझे सोचती हूँ’

तेरे चेहरे के नूर से, तेरे दिल की दूरी तक। तेरे पास होने से, तेरे रूठ जाने तक। बस तुझे सोचती हूँ।। वो बारिश की बूंद से, सूरज की किरण...

कवि शिव कुमार ‘दीपक’ की रचना

"दीपक "की कुण्डलियां कन्या बोली गर्भ से , माँ मत मुझको मार । मैं भी तेरा रूप हूँ , कुछ तो सोच विचार ।। कुछ तो सोच विचार , बनूँ...

अवशेष मानवतावादी के धर्मग्रन्थ का हुआ लोकार्पण

सिकन्दराराऊ 17 फरवरी | बृजभूमि के हाथरस जिले की सिकन्दराराऊ भूमि से अवशेष मानवतावादी द्वारा सृजित मानवता धर्मग्रन्थ के प्रथम खण्ड-आदेश का लोकार्पण एवं विमोचन...

यशोधरा यादव ‘यशो’का एक नवगीत

लेखनी कुछ गीत लिख दुःखित जन को प्रीति लिख . कामनाओं की लता जब पुष्प से सज्जित हुई यंत्रवत कर्मों से हटकर प्रीति प्रतिबिम्बत हुई छंद के...

माँ पर शिव कुमार ‘दीपक’ के मार्मिक दोहे

जननी करती उम्र भर , जीवन पथ आलोक । माँ के आगे क्षुद्र हैं , धरा, गगन , सुरलोक ।।-1 घाट-घाट का जल पिया, बुझी न मन की...

अकबर सिंह अकेला की रचना-‘ जब जब हो प्रकृति सों छेड़-छाड़ ‘

जब जब प्रकृति सों छेड़-छाड़ होवहीं। तब तब अपना वो मूल भाव खोवहीं।। गेह गांव प्रदेश देश छांड़ि कहं कढ़ि जहीं। परदूषन पर-दूखन भार प्रसार बढ़िअहीं।। वन वृक्ष काटि कैं कष्ट भ्रष्ट प्रदत्तहीं। सोच...

होली पर शिव कुमार ‘दीपक’ की कलम ✍ से कुछ खास-

होली के रंग, दीपक के संग रंग पर्व अब देश में, लाये नई बहार । जले होलिका द्वेष की, मन में पनपे प्यार ।। रीत प्रेम सद...

मोदी कह रहे रोजाना, कोरोना विश्व छोड़ो न 

हाथरस 06 अप्रैल । कोरोना को लेकर पूरा देश एक जुट है। सभी अपने-अपने तरीके से लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।...

मंदसौर घटना पर एक ज्वलन्त कविता अवशेष मानवतावादी द्वारा

मंदसौर घटना पर एक ज्वलन्त कविता ................................................... मंदसौर की घटना ने फिर से जनमानस हिला दिया। तार तार मानवता कर दी दानवता को खिला दिया।। आग क्रोध की...

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