हाथरस 09 जून । प्रदेश में पुलिस एवं परिवहन विभाग (आरटीओ) द्वारा की जा रही सघन वाहन चेकिंग और बढ़ती चालान कार्रवाई को लेकर सामाजिक संगठन मानव कल्याण एवं आरटीआई कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने चिंता व्यक्त की है। संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर आरोप लगाया है कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के नाम पर चल रही वर्तमान चालान व्यवस्था कई स्थानों पर सुधारात्मक के बजाय दंडात्मक स्वरूप धारण करती जा रही है, जिससे आम नागरिकों, वाहन चालकों, मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर चालान प्रक्रिया को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठन का दावा है कि सड़कों पर होने वाली सघन चेकिंग के दौरान कई बार वाहन चालकों पर भारी जुर्माने का दबाव बनता है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मजदूरों, किसानों तथा छोटे व्यवसायियों को मामूली तकनीकी कमियों, जैसे दस्तावेजों की अनुपलब्धता या अन्य छोटी त्रुटियों के कारण भारी आर्थिक दंड का सामना करना पड़ता है। इससे उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। संगठन का कहना है कि यातायात व्यवस्था का मूल उद्देश्य लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नियमों के पालन को प्रोत्साहित करना होना चाहिए, न कि केवल राजस्व संग्रह पर जोर देना।






















