
हाथरस 09 जून । क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं आगामी वर्षा ऋतु के दौरान संभावित जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ATUL VATS ने नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या-3 एवं वार्ड संख्या-28 में चल रहे नाला सिल्ट सफाई कार्य का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था का स्थलीय सत्यापन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सरस्वती इंटर कॉलेज के समीप स्थित प्रमुख नाले का विशेष रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने बांस के माध्यम से नाले की गहराई मापी और नालों में जमा कूड़ा-करकट एवं पॉलीथीन देखकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को नालों की समुचित सफाई कराने तथा जमा कचरे को तत्काल हटवाने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि नालियों एवं नालों से निकाली गई सिल्ट और कचरे को सड़कों पर न छोड़ा जाए, बल्कि उसे तुरंत उठाकर निर्धारित निस्तारण स्थल तक पहुंचाया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित कार्यदायी संस्था निर्धारित समयावधि में कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करती है, तो सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए एजेंसी का टेंडर निरस्त करने की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सड़कों के किनारे खड़े अनावश्यक वाहनों, निर्माण सामग्री के अतिक्रमण तथा फुटपाथों पर दुकानदारों द्वारा सामान रखने की स्थिति भी सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे दुकानदारों को चिन्हित कर नोटिस जारी करने तथा नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने पाया कि अनेक दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर डस्टबिन नहीं रखते हैं, जिसके कारण ग्राहक एवं अन्य लोग प्लास्टिक पॉलीथीन तथा अन्य अपशिष्ट सामग्री नालियों में फेंक देते हैं। इससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है और जलभराव की समस्या उत्पन्न होने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर नगर का निर्माण केवल नगरपालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है। सभी नागरिकों और व्यापारियों को सार्वजनिक स्थानों एवं नालियों में कचरा फेंकने से बचना चाहिए तथा स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग देना चाहिए। डीएम ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान नालियों में कचरा डालते हुए अथवा स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नगरपालिका अधिनियम एवं पुलिस अधिनियम के तहत चालानी और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


























