
मथुरा 29 नवंबर । के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में आंत्र अवरोध की समस्या से पीड़ित पांच माह के बच्चे को नई जिन्दगी मिली है। शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा और डॉ. तारिक ने बच्चे दिव्यांश की आपस में जुड़ चुकी बड़ी एवं छोटी आंतों की मुश्किल सर्जरी की। सर्जरी के बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है तथा उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। चिकित्सकों से मिली जानकारी अनुसार 21 नवम्बर को मांट, जिला मथुरा निवासी दीपक कुमार अपने पांच माह के बच्चे दिव्यांश को लेकर के.डी. हॉस्पिटल आया। उस समय बच्चा उल्टियां कर रहा था तथा उसके मलद्वार से मल के साथ खून आ रहा था। बच्चे का इलाज मथुरा के किसी निजी अस्पताल में हो रहा था। बच्चे की स्थिति बिगड़ती देख, उसे के.डी. हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी गई। दरअसल, बच्चों के सभी तरह के ऑपरेशन की सुविधा के.डी. हॉस्पिटल के अलावा मथुरा में दूसरी जगह नहीं है। शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने बच्चे के लक्षणों को देखा और समझ गए कि इसे इंटूससेप्शन की समस्या है। एक्सरे एब्डोमेन व पेट की सोनोग्राफी कराने से भी इसकी पुष्टि हो गई। परिजनों की सहमति के बाद डॉ. श्याम बिहारी शर्मा और उनकी टीम द्वारा बच्चे में उत्पन्न निर्जलीकरण को सही करके उसी दिन, रात को ऑपरेशन किया गया। लगभग चार घंटे चले ऑपरेशन में डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का सहयोग डॉ. तारिक (शिशु शल्य चिकित्सक) और डॉ. हैंकी यादव (रेजीडेंट डॉक्टर) ने किया। डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का कहना है कि बच्चे की छोटी आंत बड़ी आंत में प्रवेश कर चुकी थी, जिसे वापस निकालना असम्भव था। अतः छोटी आंत का 30 सेंटीमीटर एवं बड़ी आंत का 20 सेंटीमीटर हिस्सा काटा गया क्योंकि आंत गल चुकी थी। डॉ. शर्मा बताते हैं कि ऑपरेशन मुश्किल था लेकिन खराब आंत (गैन्गरीनस) को काटकर वापस जोड़ने में सफलता मिल गई। सर्जरी के बाद बच्चे को पांच दिन भूखा रखा गया। अब बच्चा दूध पी रहा है तथा सामान्य रूप से मल त्याग रहा है। बच्चे दिव्यांश के पूरी तरह से स्वस्थ होने से दीपक कुमार और उनके परिजन खुश हैं। दीपक कुमार कहते हैं कि वह निराश हो गए थे लेकिन के.डी. हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने फिर से खुशियां लौटा दी हैं। केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के चेयरमैन मनोज अग्रवाल, डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गगन दीप सिंह ने बच्चे की सफल सर्जरी के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई देते हुए दिव्यांश के स्वस्थ और सुखद जीवन की ईश्वर से कामना की है।














